राम की शक्तिपूजा की व्याख्या भाग 11 | ram ki shaktipuja ki vyakhya | part 11

ram ki shaktipuja ki vyakhya part 11

प्रस्तुत पंक्तियां छायावादी कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘राम की शक्ति पूजा’ से ली गई हैं। मूल रूप से यह कविता उनके काव्य संग्रह ‘अनामिका’ में संकलित है।

राम की शक्तिपूजा की व्याख्या भाग 10 | ram ki shaktipuja ki vyakhya | part 10

ram ki shaktipuja ki vyakhya bhag 10

प्रस्तुत पंक्तियां छायावादी कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘राम की शक्ति पूजा’ से ली गई हैं। मूल रूप से यह कविता उनके काव्य संग्रह ‘अनामिका’ में संकलित है।

राम की शक्तिपूजा की व्याख्या भाग 9 | ram ki shaktipuja ki vyakhya | part 9

ram ki shaktipuja ki vyakhya bhag 9

प्रस्तुत पंक्तियां छायावादी कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘राम की शक्ति पूजा’ से ली गई हैं। मूल रूप से यह कविता उनके काव्य संग्रह ‘अनामिका’ में संकलित है।

राम की शक्तिपूजा की व्याख्या भाग 8 | ram ki shaktipuja ki vyakhya | part 8

ram ki shaktipuja ki vyakhya part 8

बैठे मारुति देखते राम चरणारविंद- युग अस्ति नास्ति के एक रूप गुण-गण अनिंद्य साधना मध्य भी साम्य वाम कर दक्षिण पद दक्षिण कर तल पर वाम चरण, कपिवर गद्गद् । पा सत्य सच्चिदानंद रूप विश्राम धाम जपते सभक्ति अजपा विभक्त हो राम नाम ।। युग चरणों पर आ पड़े अस्तु वे अश्रु युगल देखा कपि ने … Read more

राम की शक्तिपूजा की व्याख्या भाग 7 | ram ki shaktipuja ki vyakhya | part 7

ram ki shaktipuja ki vyakhya part 7

प्रस्तुत पंक्तियां छायावादी कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘राम की शक्ति पूजा’ से ली गई हैं। मूल रूप से यह कविता उनके काव्य संग्रह ‘अनामिका’ में संकलित है।

राम की शक्तिपूजा की व्याख्या भाग 6 | ram ki shaktipuja ki vyakhya | part 6

ram ki shaktipuja ki vyakhya

आज के इस लेख में आप ram ki shaktipuja ki vyakhya को पूरी तरह से समझ पाएंगे । कृपया इसे पूरा ज़रूर पड़ें ।

राम की शक्ति पूजा की व्याख्या भाग-4 | Ram ki Shaktipuja ki Vyakhya Part-4

ram ki shaktipuja ki vyakhya

भाग-4 आये सब शिविर सानु पर पर्वत के मंथर सुग्रीव, विभीषण, जाम्बवान आदिक वानर, सेनापति दल-विशेष के अंगद, हनूमान, नल, नील, गवाक्ष प्रात के रण का समाधान करने के लिए, फेर वानर-दल आश्रम-स्थल। बैठे रघु-कुल-मणि श्वेत शिला पर निर्मल जल ले आए कर-पद-क्षालनार्थ पटु हनूमान, अन्य वीर सर के गए तीर संध्या-विधान, वंदना ईश की … Read more

राम की शक्ति पूजा की व्याख्या भाग-2 | Ram ki Shaktipuja ki Vyakhya | Part-2

ram ki shaktipuja ki vyakhya

 भाग – (2) अनिमेष राम-विश्वजिद् दिव्य शर-भंग-भाव, विद्धांग-बद्ध-कोदण्ड-मुष्टि खर रुधिर स्राव। रावण प्रहार दुर्वार विकल वानर दल-बल,  मूर्च्छित सुग्रीवांगद-भीषण गवाक्ष गय-नल। वारित सौमित्र भल्लपति अगणित मल्ल-रोध, गर्जित प्रलयाब्धि क्षुब्ध हनुमत् केवल प्रबोध । उद्गीरित वह्नि भीम पर्वत कपि चतुः प्रहर, जानकी भीरु उर आशा भर रावण-सम्बर।। सन्दर्भ – प्रस्तुत  पंक्तियां छायावादी कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला‘ द्वारा … Read more

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