मानवतावाद क्या है | manavatavad kya hai
हिंदी साहित्य में प्रचलित विभिन्न अवधारणाओं के अंतर्गत आज हम manavatavad kya hai को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे । इस लेख को पढ़ने के बाद आप manavatavad की अवधारणा को भली-भाँति समझ पाएंगे।
हिंदी साहित्य में प्रचलित विभिन्न अवधारणाओं के अंतर्गत आज हम manavatavad kya hai को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे । इस लेख को पढ़ने के बाद आप manavatavad की अवधारणा को भली-भाँति समझ पाएंगे।
विश्वकोश या Encyclopaedia में विश्व के अनेक विषयों – धर्म, दर्शन, साहित्य, कला, इतिहास, भूगोल, ज्ञान-विज्ञान आदि से संबद्ध जानकारी दी जा ती है जिसे विषय के अधिकारी विद्वानों से लिखवाया जाता है। शीर्षकों को इसमें विषयानुसार न रखकर वर्णक्रम से रखा जाता है ताकि अध्येता (fellow or research scholar) किसी भी शब्द को, यह पता न होने पर भी कि यह किस विषय से संबद्ध शब्द है; आसानी से ढूंढ़ सके। विश्वकोश (Encyclopedia) का महत्व भी साहित्य कोश के समान ही है—अर्थात् विषयों तथा अवधारणाओं के बारे में समुचित जानकारी देना। किसी भी पुस्तकालय में आपको अनेक खंडों में प्रकाशित अंग्रेजी के अनेक विश्वकोश मिल जाएँगे, जैसे Encyclopaedia Britannica, American Encyclopaedia, Collins Encyclopaedia आदि। हिन्दी में भी डॉ. नगेन्द्रनाथ वसु द्वारा प्रस्तुत “हिन्दी विश्व विश्वकोश” पचीस खंडों में उपलब्ध है। विश्वकोशों की परिभाषा एवं विस्तार क्षेत्र विश्वकोश का अंग्रेजी रूपान्तर ‘इन्साइक्लोपीडिया‘ ग्रीक शब्द “enkyklios paideia” से व्युत्पन्न हुआ … Read more
आज हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि हिंदी विषय के साथ करियर के कौन-कौन से अवसर उपलब्ध हैं। वर्तमान परिदृश्य में सभी लोगों के मन में यह धारणा प्रचलित है कि अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान ही आपके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करता है । यह अलग बात है कि अंग्रेजी में करियर के कितने अधिक अवसर उपलब्ध हैं इसका लोगों को कुछ अधिक ज्ञान है । Hindi men Career ke Avasar भी अंग्रेजी से कुछ कम नहीं हैं, लेकिन लोगों की इसकी जानकारी नहीं होने के कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पाते और हिंदी विषय के साथ अपना करियर बनाने का सोच भी नहीं पाते । तो चलिए अब हम देखते हैं कि Hindi men Career ke Avasar कौन-कौन से हैं और हम कैसे हिंदी विषय की पढ़ाई करके और इस भाषा में विशेषज्ञता हासिल करके अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं । वास्तव में सरकारी क्षेत्र … Read more
शब्दकोश का निर्माण अपने आप में एक बहुत जटिल और लंबी प्रक्रिया है। शब्दकोश बनाने की प्रारंभिक योजना से लेकर उसके छप जाने तक की प्रक्रिया काफी श्रम और समय की माँग करती है । यह जानकार आश्चर्य होता है कि ‘ऑक्सफोर्ड अंग्रेजी कोश’ को बनने में चालीस वर्ष लगे थे। यह कार्य 1888 में शुरू हुआ था और 1928 में समाप्त हुआ। कई बड़े ऐतिहासिक कोशों के पूरे खंडों को छपने में तो 100-150 वर्ष भी लग जाते हैं। कोश-निर्माण का कार्य विभिन्न भाषा-समाजों में बहुत समय से होता आ रहा है। ज्ञान के क्षेत्र में जागरूक विद्वान इसे अपना दायित्व समझ कर निभाते रहे हैं। उदाहरण के रूप में हम “निघंटु” का नाम ले सकते हैं जो वैदिक संस्कृत कोश है। फालेन तथा जॉन शेक्सपियर द्वारा तैयार किए गए आरंभिक हिन्दी-अंग्रेजी कोश इसी कोटि में आते हैं। अंग्रेजी को भारत में व्यापार और प्रशासन के लिए भारतीय … Read more
भारतीय संस्कृति मूलतः कृषि संस्कृति है। कृषि संस्कृति के जितने भी ऊंचे आदर्श हो सकते हैं। राम उनके प्रतीक हैं। वाल्मीकि ने उन्हें पूर्ण पुरुष के रूप मैं प्रस्तुत किया है। वे सुन्दर, धीर-वीर-गम्भीर हैं। राम की भक्ति के माध्यम से तुलसी ने चाहा था कि वे समस्त युगीन समस्याओं का समाधान प्रस्तुत कर सकें। उनके राम हैं भी कैसे ? वे एक और परब्रह्म हैं, राग-विराग से ऊपर उठे हुए, तो दूसरी ओर वे अत्यन्त सहृदय, सुशील मानव हैं। वे ब्रह्म हैं, सभी सद्गुणों से सम्पन्न हैं। अतः उनके सुख-दुःख, उनकी अनुभूति से पाठक मात्र समरस हो जाता है। ऐसे अखण्ड सत्ता सम्पन्न तथा समस्त मानवीय गुणों से युक्त प्रभु राम की गाथा लोककल्याणकारी है। ‘रामकथा जग मंगल करनी’ है। लोकमंगल का यही दृष्टिकोण मन में रखकर तुलसी ने ‘रामचरितमानस’ की सम्पूर्ण कथा का ताना-बाना बुना। बहुभाषिक भारतीय समाज में रामचरितमानस का प्रचार भारत की सभी भाषाओं बोलियों, लोकगीतों और अधिकांश जनजातियों में रामकथा उपलब्ध … Read more
विभिन्न परीक्षाओं में हिंदी में अनुच्छेद लेखन लिखने के संबंध में प्रश्न पूछा जाता है । आज के इस लेख में हम अनुच्छेद लेखन के संबंध में अनिवार्य बातों को समझने का प्रयास करेंगे । आइए hindi men anuchchhed lekhan सीखने का प्रयास करें । नीचे हिंदी में अनुच्छेद लेखन Hindi Men Anuchchhed Lekhan के कुछ उदाहरण दिए गए हैं, जिसकी सहायता से आप कुछ छोटे-छोटे अनुच्छेद लिख सकते हैं: मेरे जीवन का लक्ष्य मेरे जीवन का लक्ष्य प्रशासनिक अधिकारी बनकर राष्ट्र और समाज की सेवा करना है । इस पुनीत कार्य के लिए लिए वैसे तो बहुत सारे क्षेत्र हैं, परंतु एक प्रशासनिक अधिकारी के पास इस कार्य के लिए एक व्यापक क्षेत्र होता है । मैं आईएएस ऑफिसर बनकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहता हूँ। मैं समाज में रहकर एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहता हूँ। ग्रामीण और … Read more