एक टोकरी भर मिट्टी – माधवराव सप्रे | Ek Tokari Bhar Mitti- Madhavrao Sapre

Ek Tokari Bhar Mitti – Madhavrao Sapre

माधवराव सप्रे की कहानी ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ का प्रकाशन 1901 ई. में ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ के अप्रैल अंक में हुआ था।

देवी प्रसाद वर्मा के अनुसार यह कहानी हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी है। जिसे प्रायः सभी विद्वानों ने स्वीकार किया है। यह एक आदर्शवादी कहानी है।

दुलाईवाली – राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) | Dulaiwali – Rajendra Bala Ghosh (Bang Mahila)

Dulaiwali - Rajendra Bala Ghosh (Bang Mahila)

बंग महिला का जन्म: 1882 ई. में हुआ था ।
इनका पूरा नाम राजेन्द्र बाला घोष है ।
ये आरंभिक दौर की महिला कथाकारों में प्रमुख हैं ।
इनकी पुस्तक ‘कुसुम संग्रह’ का संपादन आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा किया गया।
दुलाईवाली कहानी का प्रकाशन 1907 ई. में सरस्वती पत्रिका में हुआ था।

चन्द्रदेव से मेरी बातें – राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) | Chandradev Se Meri Baten-Rajendra Bala Ghosh (Bang Mahila)

Chandradev se meri baten-rajendra bala ghosh-bang mahila

राजेन्द्र बाला घोष ‘बंग महिला’ के नाम से प्रसिद्ध हैं।

राजेन्द्र बाला घोष को हिंदी की प्रथम महिला कथाकार होने का गौरव प्राप्त है।

राजेन्द्र बाला घोष आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की प्रेरणा से हिंदी में लेखन प्रारंभ की।

इनकी प्रसिद्धि ‘दुलाईवाली’ कहानी से अत्यधिक हुई।

‘दुलाईवाली’ हिंदी की पहली मौलिक कहानी मानी जाती है। जिसका प्रकाशन
1907 ई. में ‘सरस्वती पत्रिका’ में हुआ था।

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