अवहट्ट की व्याकरणिक विशेषताएँ | Avahatta ki Vyakaranik Visheshtaen
Avahatta ki Vyakaranik Visheshtaen
ब्रजभाषा का साहित्यिक भाषा के रूप में विकास|Brajbhasha ka Sahityik Bhasha ke Roop men Vikas
Brajbhasha ka Sahityik Bhasha ke Roop men Vikas
खड़ी बोली का साहित्यिक भाषा के रूप में विकास | Khadi Boli ka Sahityik Bhasha ke Roop men Vikas
Khadi Boli ka Sahityik Bhasha ke Roop men Vikas
आरम्भिक हिंदी की प्रमुख विशेषताएँ | Arambhik Hindi ki Pramukh Visheshtaen
आरम्भिक हिंदी को प्रारंभिक हिंदी, प्राचीन हिंदी अथवा पुरानी हिंदी के नाम से भी जाना जाता है। चंद्रधर शर्मा गुलेरीजी के शब्दों में “अपभ्रंश का परवर्ती रूप ही पुरानी हिंदी है।” आरम्भिक हिंदी, अपभ्रंश से विकसित अवहट्ट तथा आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं के बीच की कड़ी है । उत्तरकालीन अपभ्रंश पुरानी हिंदी से साम्य रखता था। यही स्थल पुरानी हिंदी का … Read more
देवनागरी लिपि में सुधार और संशोधन | Devnagari Lipi men Sudhar aur Sanshodhan
देवनागरी लिपि में समय-समय पर अनेक सुधार एवं संशोधन होते रहे हैं, जिन्हें देवनागरी लिपि का विकासात्मक इतिहास कहा जा सकता है। तो आइए अब Devnagari Lipi men Sudhar aur Sanshodhan पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हैं । ये सुधार इसके दोषों का निराकरण करने हेतु तथा इसे लेखन एवं टंकण आदि की दृष्टि से अधिक उपयोगी बनाने हेतु किये … Read more
काव्य-दोष | भारतीय काव्यशास्त्र | Kavya Dosh | Bhartiya Kavyashastra
bhartiya kavyashatra ke antargat kavya dosh ka vistar se adhyayan karne ke lie is lekha ko padhen .
हिंदी की उपभाषाएँ और बोलियाँ | hindi ki upbhashaen aur boliyan
इस लेख के माध्यम से आप hindi ki upbhashaen aur boliyan को समझेंगे। हिंदी की 5 उपभाषाएँ और 18 बोलियाँ हैं ।
मानवतावाद क्या है | manavatavad kya hai
हिंदी साहित्य में प्रचलित विभिन्न अवधारणाओं के अंतर्गत आज हम manavatavad kya hai को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे । इस लेख को पढ़ने के बाद आप manavatavad की अवधारणा को भली-भाँति समझ पाएंगे।
राम की शक्तिपूजा की व्याख्या भाग 6 | ram ki shaktipuja ki vyakhya | part 6
आज के इस लेख में आप ram ki shaktipuja ki vyakhya को पूरी तरह से समझ पाएंगे । कृपया इसे पूरा ज़रूर पड़ें ।