शोध के लिए ‘सिनोप्सिस’ (रूपरेखा) कैसे तैयार करें | Shodh Ke Lie Synopsis Kaise taiyar Karen
आज जो तथ्य, विषय अज्ञात है, उसे जानना ही अनुसंधान है। अनुसंधान कार्य करने से पहले सर्वप्रथम विषय का चुनाव करना होता है।अनुसंधान-प्रक्रिया का दूसरा सोपान निर्देशक का चुनाव है । उनके बिना अनुसंधान-कार्य की कल्पना करना असंभव है । अनुसंधान-प्रक्रिया में विषय का चुनाव कर लेने के बाद अगले पड़ाव अथवा लक्ष्य के रूप में ‘रूपरेखा’ तैयार करने का कार्य करना होता है । इसे अँग्रेजी में ‘सिनोप्सिस’ कहते हैं, जिसे तैयार करना सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य होता है । अनुसंधान की सफलता का पहला चरण है, रूपरेखा तैयार करना । आज हम shodh ke lie synopsis kaise taiyar karen विषय का विस्तृत विवेचन करेंगे और इसे विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे । ‘रूपरेखा’ या ‘प्रारूप’ शोधकार्य का बीज है, जिसका सम्पूर्ण विकास शोध-प्रबंध के विस्तृत वटवृक्ष के रूप में होता है । यह प्रबंध को मूर्त रूप देता है । दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि शोध-विषय का क्रमिक अर्थात् अध्यायों, … Read more