अनुसंधान के प्रकार | Anusandhan ke Prakar

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अनुसंधान का क्षेत्र अत्यंत व्यापक है । साहित्य का अनुसंधान सामाजिक और वैज्ञानिक अनुसंधान से अलग ही होता है, क्योंकि उसके रचनात्मक परिवेश में केवल बिम्बात्मक भाषा का प्रयोग ही नहीं सृजनात्मक संवेदना की भी अभिव्यक्ति होती है । अतः अनुसंधान के विभिन्न आयामों से जुड़कर इसकी अनेक प्रणालियों का विकास होता है । इस आधार पर ही अनुसंधान के विभिन्न प्रकारों का विवेचन किया जाता है ।आज यहां हम anusandhan ke prakar का विस्तार से अध्ययन करेंगे ।  हिन्दी साहित्य में अनेक विधाओं को प्रयोग में लाया जाता है । साहित्य को विषयवस्तु, भाव, विचार, शिल्प और भाषा के आधार पर अन्वेषित किया जाता है । इस आधार पर अनुसंधान के भी अनेक प्रकार होते हैं, जिनका विवेचन इस प्रकार हो सकता है : वस्तु तथ्यात्मक अनुसंधान  किसी भी रचना विशेषकर गद्य रचना में, जिसका संबंध कथा साहित्य, नाटक महाकाव्य से है, वस्तु तत्व की प्रमुखता होती है । … Read more

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