मैथ्यू आर्नल्ड (1822-1888) की आलोचना दृष्टि | Matthew Arnold Ki Alochana Drishti
आलोचना का स्वरूप और प्रकार्य मैथ्यू आर्नल्ड Matthew Arnold अंग्रेजी के महान आलोचक हैं । आज हम matthew arnold ki alochana drishti का अध्ययन करेंगे । मैथ्यू आर्नल्ड Matthew Arnold डॉ. टॉमस आर्नल्ड के पुत्र थे। इनकी शिक्षा आक्सफोर्ड में हुई थी। 1849 में इनका पहला काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ । इनके आलोचनात्मक निबंधों का संग्रह “एसेज इन क्रिटिसिज्म” (Essays in criticism) 1865 में प्रकाशित हुआ। सन् 1857 में ये आक्सफोर्ड युनिवर्सिटी में प्रोफेसर ऑफ पोइट्री के पद पर चुने गए। | ये बड़े शिष्ट, सुसंस्कृत व्यवहार वाले मृदुभाषी विद्वान थे। अपने प्रारंभिक जीवन में ये काव्य-रचना में प्रवृत्त रहे और बाद में आलोचना में संलग्न रहे। ये पद्य और गद्य दोनो ही रचनाओं में जीवन के आलोचक रहे। आधुनिक अंग्रेजी समीक्षा के क्षेत्र में आर्नल्ड का अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान है। उन्हें 19 वीं शताब्दी का सबसे बड़ा समीक्षक घोषित करते हुए स्काट जेम्स ने लिखा है— “इस देश में आर्नल्ड की स्थिति … Read more