पूर्वी हिंदी की बोलियाँ और उनकी विशेषताएं | Purvi Hindi ki Boliyan aur Unki Visheshtaen
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पूर्वी हिंदी का वही क्षेत्र है जो प्राचीन काल में उत्तर कोसल और दक्षिण कोसल था। उत्तर कोसल की बोली अवधी और दक्षिण कोसल की छत्तीसगढ़ी है। इन दो खण्डों के बीच में शताब्दियों तक बघेल राजपूतों का राज्य रहा है। बघेलखण्ड की एक राजनीतिक इकाई होने के कारण उसकी बोली बघेलखण्डी या बघेली को भी लोग अलग बोली मानते हैं। इस प्रकार पूर्वी हिंदी उपभाषा (बोली-वर्ग) के अंतर्गत आने वाली तीन प्रमुख बोलियां अवधी, बघेली और छत्तीसगढ़ी हैं ।