कॉलरिज का काव्यचिंतन | Coleridge ka Kavyachintan
शाब्दिक अर्थ में काव्य चिंतन का संबंध कविता के विषय में चिंतन से है। कविता क्या है? रस, छंद अलंकार तथा काव्यभाषा का कविता की सृजन प्रक्रिया में क्या योगदान है? काव्य चिंतन के केंद्र मेंऐसे ही बिंदु रहते हैं। एक दृष्टि से काव्य चिंतन वस्तुतः कविता संबंधितसैद्धांतिक समीक्षा है। पश्चिम में काव्य चिंतन की एक समृद्ध परंपरा रही है। कॉलरिज ऐसी समृद्ध काव्य चिंतन की परंपरा में सार्थक हस्तक्षेप करने वाले चिंतक के रूप में ख्यात हैं। कॉलरिज का पूरा नाम सैमुअल टेलर कॉलरिज (Samuel Taylor Coleridge) है। इनका जन्म 21 अक्टूबर 1772 में इंग्लैंड के सेंट मेरी नामक स्थल पर हुआ। कॉलरिज अंग्रेजी के ‘लेक कवियों‘ (Lake Poets) में से एक थे। उनकी कविताओं में ‘दि राइम ऑफ दि एंसीएंट मैरीनर’ तथा ‘कुबलाखान’ अत्यंत प्रसिद्ध है। आलोचनात्मक कृतियों में ‘बायोग्राफीया लिटरेरिया’, ‘चर्च एण्ड स्टेट’ तथा ‘कनफेशन्स ऑफ एन इनक्वाइरिंग स्प्रिट’ का उल्लेख किया जा सकता है। कॉलरिज … Read more